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Friday, 12 May 2017

Worth thinking ............. आज सोच रहा हू इस उम्र मे कैसे इज़्ज़त बचाऊँ

आज सोच रहा हू
इस उम्र मे कैसे इज़्ज़त बचाऊँ
MCI को कैन्सल करवा
RMP के लिए जुगाड़ लगाउ

न कोई नियम होगा
न कोई कानून, 
न कोई सिस्टम न कोई पैथी 
हर तरफ़ सिम्पैथी ही सिम्पैथी

न जेनेरिक न ब्राण्डेड का भदेस
न कोई फ़ोरम न कोई केस
न जान का डर न पिटाई न कुटाई
न सेफ़्टी की चिन्ता न जग हँसाई 

न सिर्फ अपनी ब्राँच का बन्धन 
फिर मै ही फिजीशियन 
और मैं ही सर्जन, 

बबासीर आपर्रेशन मैं बिना थियेटर निपटाऊ
मोतियाबिन्द का एक्सपर्ट मैं कहलाऊ
क्लिनिक मे हमेशा रेलम-पेल
डायरिया से कैन्सर तक 
सभी मेरे बायें हाथ का खेल 

५ रुपये प्रति कैप्सूल बेच डायबिटिज बचाऊँ
गौ मुत्र बेच ह्रदय घात निपटाऊ
न M C I का बिना मतलब अडन्गा
न का शासन २० विभागों का पन्गा

आदमी के इलाज को क्या गिनवाऊ
जानवरो तक का इलाज के 
लिए भी अधिकृत. हो जाऊँ
और तो और 
नाचुरोपैथी के नाम पर 
मसाज सेन्टर चलाऊँ 

नर्सिग होम तो चला नहीं सकता
चलो थाईलैण्ड की नर्सेज ही चलाऊ
समाज मे विशिष्ठ लोगों के बीच 
'काम' का आदमी कहलाऊ 

तो आओ मित्रों 
इस जन्म का पाप 
इसी जन्म मे निपटाये
बच्चा को समझाये 
कि वे बाप माँ की गल्ती वे न दुहराये
अगले जन्म प्रभु एलोपैथिक डाक्टर न बनाये
उसके लिये सबसे चन्दा ले यज्ञ कराये