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Saturday, 29 April 2017

MBBS question paper based on Bahubali:


MBBS question paper based on Bahubali: 

*"Write a note on approach to Kattappa killing Bahubali. Enumerate the organs most likely to be injured and write a note on hemopneumothorax.*
😂😂

*"Discuss the various theories on why Kattappa killed Bahubali and how its affecting your practice population"* 

😂😂

*"How will you screen Kattappa for impulsive behaviour with murderous tendencies in family practice"*

😂😂😂

*"Use PHQ-9 to screen Devasena for depression and counsel her for PTSD"* 

😂😂😂😂

*"Bahubali is brought to you dead due to a serious stab injury to the heart. How will you counsel his family members regarding organ donation?".*

😁
Go through the following scenario and answer the question that follows:

"Bhallaladeva is constantly angry, restless and irritable. He has h/o lack of empathy and shows cruelty towards animals such as bulls and humans. His body is usually covered by minor oozes from scrapes and wounds. He is obsessive about his body and spends most of the day in the gym. 

Q: *Screen the family for adjustment issues and form a plan for management. Write a note on how you'll apply your knowledge of counselling immature adolescents to make Bhalladeva feel better. Also discuss regarding risks of deliberate self harm and pathological masochism*

😂😂😂

Bahubali is brought dead to your clinic. He has a sword passing through-and-through his heart. 

*Assuming that you <really> don't know who has killed him, outline the steps involved in breaking the bad news to Kattappa and his friends without getting yourself beaten up and your clinic getting ransacked.  Discuss the medico-legal documentation of such a case"*

😄😄😄

*"A young dejected-looking youth presents to you saying that now that he knows why Kattappa killed Bahubali, there's no more purpose in his life. How will you talk the young man out of committing suicide?"*

😁😁😁
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बाहूबलि -२ किसी देखी क्या

Kattapa did not kill Bahubali ... his sword 






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Wednesday, 26 April 2017

Hindi Chutkule ...........


 रंग से गोरी न थी ..😄
लेकिन सुन्दर थी..😜
बहुत ऊँची न थी...😊
लेकिन मेरे लिए योग्य थी...😘
प्रेम देने वाली न सही...😃
मेरे कदमो से कदम मिलाती थी...😝
मंदिर - मस्जिद आने से इनकार करती थी....😊
लेकिन बाहर मेरा इंतजार करती थी....😍
कही भी जाओ मेरे लिए रुक जाती थी....😉
वो

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जैसी भी थी 
मेरी चप्पल थी.. 
पता नहीं कौन उठाकर ले गया साला  😞😞
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 बॉस : कहाँ गए थे?😡

कर्मचारी : बाल कटवाने.☺
बॉस : ऑफिस के काम के समय में..?😡

कर्मचारी :बाल बढे भी तो ऑफिस के समय में ही हुए है.😌

बॉस : घर में रहते हो, तभी भी तो बढ़ते हैं न तुम्हारे बाल.😳😁

कर्मचारी : टकला थोड़ी ना किया है, जितने ऑफिस में बढे थे उतने ही कटवाए हैं।😝😝😝😜
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 शेरों के यहाँ शादी थी…

तगड़ा वाला डांस चल रहा था.

डांस में एक कुत्ता भी मस्त होकर नाच रहा था.

अचानक एक शेर की निगाह उस पर पड़ी तो 

उसने पूछा,
'कि तू शेरों की शादी में कैसे '…

कुत्ता नाचते हुए बोला… भाई,
शादी से पहले हम भी शेर हुआ करते थे…
😜😂😭😛😛😛😛
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 कुछ लोग इतने भयंकर कुँवारे होते है कि...






ताश खेलते वक़्त भी " बेगम "नहीं आती...😜😜😜😜😜😜
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 टीचर– बेटा, तुम्हारी उम्र क्या है ?

बच्चा – जी, घर में 14, स्कूल में 12,
ट्रेन में 7,
और …

फेसबुक पर 18 साल … !!!
😁 😁 😂 😂 😂 😂 😎
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एक बार 5 साल का लड़का रो रहा था |
उसके पापा आए और उससे पूछा -बेटा क्यों रो रहे हो ? मुझे बताओ मैं तुम्हारा दोस्त हूं ना | 
बच्चा -कुछ नहीं यार जरा-सा हॉर्लिक्स क्या मांगा, तेरी आइटम तो भड़क ही गई| 
😮😮😮😮पापा बेहोश
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 😀😀😀😀

टीचर ( बच्चों से ) :- बताओ बिजली कहाँ से आती है ?? 

स्टूडैंट :- जी, मामा के घर से ॥

टीचर :- कैसे ???

स्टूडैंट :- जब भी बिजली जाती है तब पापा बोलते हैं ...काट दी "सालों" ने ॥
😀😀😀😀
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अगर किसी लड़की को
पटा ना सको😮
तो उस पर मुकदमा कर
दो😘
कम से कम
तारीख पर
मुलाकात तो होती
रहेगी😘😜
-चाणक्य के फूफाजी😜😂😂
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हरियाणा आला नै उनकी माँ न्यू ठाया करै
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- रै #कमीण ऊठ लै
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कमीण फलाने की बहू गोबर भी गेर आई 😜😜 😜
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 पप्पू ट्रेन से अपने 'गांव जा रहा था
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टी टी: टिकट दिखाओ 😊😊
पप्पू: ग़रीब है साहब!!! 
चटनी बासी रोटी खाते है 😓😓
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टी टी: टिकट दिखाओ ? 😒😒
पप्पू: ग़रीब आदमी हैं साहब
साग दाल रोटी खाते हैं 😓😓
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टी टी गुस्से में- तो हम क्या गोबर खाते हैं 😠😠
पप्पू: बड़े आदमी हो साहब
खाते होगे.....
😜😂😂😂

_*MYTHS AND FACTS OF MEDICAL PRACTICE*_


_*MYTHS AND FACTS OF MEDICAL PRACTICE*_

*MYTH 1.*
MEDICAL PROFESSION IS A NOBLE PROFESSION

*FACT.*
EVERY PROFESSION, WHETHER OF A TEACHER, SOLDIER, TAILOR OR SHOPKEEPER, IS NOBLE, IF DONE WITH SINCERITY AND INTEGRITY. 

A CARELESS DOCTOR CAN KILL ONE, A CARELESS TRAIN DRIVER CAN KILL DOZENS.

*MYTH 2.* 
AS IT IS A SERVICE TO HUMANITY, DOCTORS SHOULD NOT RUN AFTER MONEY.

*FACT.*
MONEY IS AN IMPORTANT MEASURE OF SUCCESS. RUNNING AFTER IT IS NOT GOOD FOR ANYBODY, BUT EARNING MORE MONEY BY DOING MORE WORK IS NOT A MORAL CRIME. 

*MYTH 3.* 
DOCTORS MUST BE HUNDRED PERCENT HONEST.

*FACT.*
DOCTORS DO NOT COME FROM MARS. IF SUPREME COURT JUDGES OR ARMY GENERALS CAN BE CORRUPT, SO CAN A FEW DOCTORS. 

AS A CLASS, THEY ARE STILL FAR BETTER THAN POLITICIANS, BUREAUCRATS, LAWYERS, POLICE OR PSU ENGINEERS.

*MYTH 4.*
MOST OF THE TIME, DOCTORS DO NOT UNDERSTAND THE DISEASE AND WRITE UNNECESAARY AND COSTLY DRUGS, AND ADVISE TESTS AND TREAT ON A TRIAL BASIS.

*FACT.*
DOCTOR PATIENT RELATIONSHIP IS BASED ON TRUST, IF YOU DO NOT TRUST YOUR DOCTOR, GO TO ANOTHER ONE.

MEDICAL SCIENCE IS A LIFE LONG LEARNING PROCESS, AND ALL TREATMENT, TO SOME EXTENT IS BASED ON TRIAL AND ERROR. 

THE SAME MEDICINE, WHICH WORKS FOR ONE PATIENT MAY NOT WORK ON ANOTHER. 

SECONDLY, THE RESPONSIBILITY OF PROVIDING QUALITY DRUGS AT AFFORDABLE PRICES LIES NOT WITH THE DOCTOR, BUT WITH THE STATE AUTHORITIES, JUST LIKE PROVIDING FOR BETTER ROADS, UNADULTERATED QUALITY FOOD AND DAIRY PRODUCTS, UNINTERRUPTED POWER AND WATER SUPPLY ETC, ETC. 

LIKE CLOTHES, CARS AND MOBILE PHONES, COSTLY DRUGS ARE GENERALLY BETTER THAN CHEAP ONES. HOWEVER, IF THE GOVERNMENT MAKES IT MANDATORY TO WRITE GENERICS, IT SHOULD ENSURE QUALITY, AND THE CONSEQUENCE OF POOR/NON  EFFICACY SHOULD NOT BE BLAMED ON DOCTORS. 

THIRD, TESTS ARE DONE FOR PATIENT'S OWN SAFETY. 

JUST LIKE WEARING A HELMET OR SEAT BELT, INVESTIGATIONS INCREASE THE SAFETY. 

MOST OF THE DOCTORS IN INDIA ARE TRAINED TO WORK ON CLINICAL HUNCH AND COMMON SENSE AND NOT RELY TOO MUCH ON TESTS, AND ADVISE MUCH LESS TESTS THAN WHAT IS ACTUALLY WRITEN IN THE BOOK OR DONE IN THE DEVELOPED WORLD.

*MYTH 5.*
TREAMENT COSTS ARE INCREASING IRRATIONALLY.

*FACT.* 
COMPARED TO WESTERN WORLD, TREATMENT COSTS IN INDIA ARE STILL VERY LOW, AND MANY FORIEGNERS ARE COMING HERE FOR THIS REASON. 

AND IT WOULD BE WORTHWHILE TO THINK ABOUT ANY OTHER SERVICE OR PRODUCT WITH AS RAPID ADVANCEMENT IN TECHNOLOGY AND EQUIPMENT AS MEDICAL SCIENCE, WHOSE COST IS NOT INCREASING

*MYTH 6.*
DOCTORS ARE NEXT TO GOD

*FACT.*
DOCTORS ARE AS HUMAN AS ANYONE CAN BE. 

THEY ALSO FALL SICK, HAVE FAMILY COMMITMENTS, GET UPSET AND STRESSED SOMETIMES AND CAN SUFFER FROM ALL THE FRAILTIES OF A HUMAN BEING!

Monday, 24 April 2017

Hindi Chutkule and Hindi majedar Jokes


 नर्सरी के बच्चे ने परीक्षा शीट पे सुसु कर दिया।
😂
अध्यापिका: तुमने ये क्या किया?😬
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बच्चा: मम्मी ने कहा था कि
पहले जो आ रहा हो वही करना 😂 😂
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 एक हैदराबादी परिवार में बेटा स्कूल से रोता हुआ घर आया.😭 
मां : काईकू रोरा ?😱
बेटा : टीचर मारी मेरेकू😡 
मां : काईकू मारी चुडैल तेरेकू ?👹
बेटा : मैं मुर्गी बोला उसकू🐓 
मां : अरे काईकू ऐसा बोला रे ?😱
बेटा : काईकू बोले तो ? हर पेपर में आंडा देरी मेरेकू.😝😝😝😂😂😂
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नई दुल्हन ससुराल पहुंची। जिस दिन उसे खाना बनाना था, 

सास ने कहा- 'बेटी तुझे जो भी बनाना आता है बना ले।' 

बहु ने १० मिनट बाद सास से पूछा .
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"मम्मी आप सोडा के साथ लेंगी या पानी के साथ ? 🍷🍷😃
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टीचर… " लड़कियां अगर पराया धन होती हैं तो लड़के क्या होते है ??.

पप्पू….. सर "चोर होते है 

!!.टीचर….. वो कैसे ?.

पप्पू…. क्योंकि ? चोरों की नज़र हमेशा "पराये धन पर होती है😜😜😜😀😀😀
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 😜 😛 😆 😝
संता : मैं तो दुविधा में फँस गया हूँ.

बंता : वो कैसे?

संता : यार बीवी के मेकअप का खर्चा बर्दाश्त नहीं होता और मेकअप के बिना बीवी बर्दाश्त नहीं होती.... 😜😜
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 एक शराबी शराब पीके एक अर्थी से टकरा गया
Body गिर गई
लोग शराबी को पीटने लगे
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शराबी -अबे जो गिरा वो तो कुछ बोल नही रहा
तुम काहे नेता बन रहे हो😝😜😂😂
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 प्पपु की बीवी बेहोश हो गयी..!!
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डॉक्टर – ये तो मर गयी है ।
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जब उसको जलाने लगे तो वो उठ बैठी और
बोली….
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" मैं जिंदा हूं..!!
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प्पपु- चुपचाप पड़ी रह गवार,
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तू डॉक्टर से ज्यादा जानती है क्या ?
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जलाओ जी जलाओ.!!!..😀😀😀
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 हॉस्टल स्टूडेंट अपने दोस्त से:
भाई धोखा हो गया धोखा ;-(

दोस्त:- क्या हो गया…??

स्टूडेंट:
घर से बुक्स के लिए पैसे मंगवाए थे,

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घर वालो ने बुक्स ही भेज दी…😂😂😂😂
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 एक दिन संता को फांसी लगने वाली थी। 
जेलर ने पूछा 

"कोई आखिरी ख्वाहिश"।

संता- मुझे फांसी देते वक्त मेरे पैर ऊपर और 
सिर नीचे रखना।

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एक आदमी घर पर DVD देख रहा था और जोर जोर से चीखने लगा 😫.....
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नहीहिहिहिहिहिहिहिहिहिहिहिह!!!!!!!! घोड़े पर से मत उतर.. पागल मत उतर .. ये एक चाल है!! यहाँ जाल बिछा है।।
कुत्ते की मौत मरेगा साले..😁😁😁 
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पत्नी किचन से: कोन सी फिल्म देख रहे हो ? ☺☺
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आदमी: हमारी शादी की DVD!!
 दे बेलन दे चिमटा दे फूलनी 😂😂😂😂

Sunday, 23 April 2017

Generic Vs. Branded drugs ..... Collected messages from facebook and whatsapp


कोई बतायेगा ये जेनेरिक प्रेस्क्रिप्शन वाला फतवा झोलाछाप डॉक्टरों, बंगाली डॉक्टरों,nonallopathic डॉक्टर (जो मॉडर्न मेडिसिन लिखते हैं) और एक टीके में गारंटी से हर्निया,hydrocele,बवाशीर,भगंदर आदि ठीक करने वालों पर भी लागू होगा या शिर्फ़ रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के लिए ही है !!???
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भारत सरकार, स्वयं सभी दवाओं के #निर्माण , #गुणवत्ता , और सभी दवाओं की #कीमत को एक समान निर्धारित करने की #जिम्मेदारी क्यों नहीं ले लेती ???

सभी समस्या अपने आप #समाप्त हो जायेगी...!!!



सभी डॉक्टर्स 6 महीने की छुट्टी पर जाएं ताकि सरकार हमारे लिए आचार संहिता बना सके।
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सोच रहा हु अधिकारी और नेता लोग सरकारी अस्पताल और सरकारी स्कूल का ही दौरा क्यों करते हे ? और इनमें ही क्यों कमी निकलते हे । कभी सुना है कि आज हवाई अड्डे का दौरा किया या कोर्ट का दौरा किया और जजों को फटकार लगाई ?
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GENRICS ISSUE
Doctor : Ciprofloxacin, Cifran or Ciplox is the best.
After MCI ruling.
Doctor : Ciprofloxacin
Patient to Chemist : Bhaiya Ciprofloxacin de Dena.
Chemist : Ciplox ya Cifran le lo.. Best hain
Moral : Faces changed but recommendation is the same.. . But it is now chemist who will decide which is the best quality medicine.
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Its very funny.
Selling alcohol is banned ,but manufacturing is not.
Speeding car is a crime, but making cars which can run faster, is not a crime.
Now, 
Prescription of branded drug is banned, but manufacturing is not.
*Schizophrenic mind of govt*🤔
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जिसके खानदान में कोसों तक भी कोई एक डाक्टर नही होता वही सबसे ज़्यादा ज्ञान पेलता है
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1.डॉक्टरी पेशा इस लिए कष्ट में है क्योंकि जबसे यह बना है लोगों के दिमाग़ में ठूंस ठूंस कर भरा है कि यह पुण्य का काम है और डॉक्टर भगवान।अब किसी को सहन नहीं होता कि भगवान अपने काम का मुआवज़ा ले।
2.ऐसे तथाकथित बुद्धिजीवी आपको झोलाछाप डॉक्टरो से ख़ुशी ख़ुशी इलाज करवाते मिल जाएंगे और वहाँ इनका विवेक और ज़ुबान दोनों बंद मिलेंगे।
3.डॉ भी उसी समाज से आते हैं और उसी समाज को झेलने पर मजबूर हैं जहाँ ऐसे बुद्धिजीवी इस बात से बेपरवाह रहते हैं कि पटवारी,तहसीलदार,पुलिस, रेल का बाबू,क्लर्क,मंत्री,विधायक, सिलैक्शन बोर्ड के अधिकारी घूंस के बग़ैर बात नहीं करते और डॉक्टर भी इसे झेलता है।यह सब इनके लिए उचित माना जाता है।
4.यही डॉक्टर यूजी और पीजी में कई अतिरिक्त साल बर्बाद करता है अंधाधुंध और राजनीतिक रेवड़ियों की तरह दिए गए आरक्षण और घोटालों के चलते और मजबूर है कई करोड़ की सीट लेने पर।
5.सब को आधुनिकतम इलाज चाहिए एक छत के नीचे।पैसा कौन देगा?सस्ता कर्ज़ मिलेगा, ज़मीन, बिजली, पानी, फ़ोन,टैक्स?टैक्स हॉलीडे होगा?यहाँ तो एम्बुलेंस भी कमर्शियल सवारी मानी जाती है?
6.वकील एक पेशी के 5 लाख लेने के अधिकारी क्यों और वह भी पता नहीं कब तक
7.मुरथल जैसे ढ़ाबे मे एक रोटी 15/- और दाल फ़्राइड 120/- की क्यों?क्या यह उनकी असली क़ीमत है?एयरपोर्ट पर कॉफ़ी 100 के आस पास क्यों?तब तो किसी की पेशानी पर बल नहीं पड़ते।
7.किसान के यहाँ से चला 5/- का आलू, टमाटर बाज़ार में 50/- क्यों?कौन खा गया/
8.मंत्रियों, अफ़सरों की बेहिसाब,बेनामी संपत्ति क्यों?इतना सन्नाटा क्यों?1000 करोड़ का चारा खाने वाला सज़ायाफ़ता किंगमेकर क्यों महाशय?इनके वेतनमान में 300% उछाल पर बिल्कुल ग़ुस्सा नहीं?
9.किसके हैं डोनेशन वाले कॉलेज?
10.दवा की रिसर्च पर करोड़ों ख़र्च करने वाली कंपनियां क्यों न लाभ लें?कार उद्योग नहीं लेता?शराब, सिगरेट, इलैक्ट्रोनिक उद्योग नहीं लेता?सरकार नहीं लेती?20/- के पैट्रोल की कीमत 60-65/-क्यों?बेस फ़ेयर 1500/-और टिकट का कुल दाम 6000/-क्यों?
11.जैनरिक का राग अलापने वाले सोनी टीवी,ब्रैंडिड कपड़े न लें,Taxila टी वी और पॉपलीन लें।गधे घोड़े में फ़र्क नहीं?
12.स्ट्रैप्टोकाइनेज़ 900/-का और कब लगाना है,इसकी ज़िम्मेदारी किसकी?आप लगा लेंगे?35 साल लगे यहाँ तक आने में?5/-का अल्ट्रा साउंड बताने वाले यह बताएं उस रिपोर्ट को पढ़ने की अक्ल हासिल करने में कितने साल और पैसे लगे,मशीन कहाँ से आई,ख़राब होने पर नई कहाँ से आएगी?
13.अपनी जान पर खेल कर दूसरों की जान बचाने वाले यह जांबाज़,आपकी वजह से अनेक रोग पालने वाले, अकथनीय कष्ट और तनाव झेलने वाले 99% मानवता की सेवा में रत हैं तो पैसा तो लेंगे।आइए ऐड्ज़,हिपेटाइटिस,इबोला,स्वाइन फ़लू,टी बी का सामना करने में इनका साथ दें।आएंगे?नहीं न?
14.महाशय कभी आपने गर्भपात करवाने वाली महिला के परिवार के विरुद्ध आवाज़ उठाई?क्या वह नहीं हिस्सेदार?
15.कमीशन बुरा है नहीं होना चाहिए।कैसे मालूम सभी डॉक्टर लेते हैं?वकील नहीं लेते?वह भी नोबल प्रोफ़ैशन है।टैंडर लेने, बिल पास कराने में सरेआम चल रहा है।फ़िर यहाँ इतना बवेला क्यों?
मतलब इतना है श्रीमन हर अंग में कैंसर है।एक वही अंग जो कुछ बेहतर है आपकी आंख में खटक रहा है।अन्य या तो दिखते नहीं या आपकी हिम्मत नहीं उन पर उंगली उठाने की।
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Generics Vs Branded products.
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Please consider the following Facts before you take a position on Branded Vs Generics medicine. I am associated with medico marketing for almost three Decades thus take responsibility to bring few Facts for your consideration and understanding.
1. To keep a Brand name of any medicine doesn't increase price of the product as it cost nothing extra but The branding company becomes accountable for its effectiveness to the buyers.
2. A significant amount of cost of any medicine is for its proper packaging, storing, assurance of long Stability as per expiry date, Ensuring cold chain or appropriate transportation, Accountability on Quality etc which is assured by Branded medicine of good companies as it require huge manpower and additional cost. Thus its provides value for 💰 money to the consumers. In case of generics, one need to be very sure about such assurance of quality of medicine.
3. Will we be interested to buy a product which does not have best quality or effectiveness assurance? We will always prefer to buy a Branded water bottle, clothes, toothpaste, oil, perfumes, different groceries until we are not very sure on quality assurance of Non-Branded products. Under such circumstances, can a Dr will prefer to take RISK to prescribe any medicine until he is not sure about its effectiveness only because there could be a price difference. 
Who will be accountable for the assured effectiveness?
4. We all know, even celebrities are also try to avoid advertise a product until they are not very sure about its harmless effects to people or society. When Dr is answerable to cure patients which he can only happen with effective medicines. Do we still want Drs to take RISK of our life? by prescribing medicine which he is not sure about quality?
5. In our country, please search in google, Govt has got departments like DPCO ( Drug Price Control Order), NPPA (National Pharmaceutical Pricing Authority) who are authorised to fix MRP (Maximum Retail Price) of all Branded medicine. So how different companies are keeping higher price of their Brands? 
Who is responsible for it? DOCTORS or AUTHORITIES? Why Govt trying to PUSH unsure quality of generics Medicines rather than controlling price of good companies Branded Medicine??? Where quality is assured. How will it help by blaming Doctors?
6. The million dollar question is who are benefited most from Generics medicines? *Please don't miss this information*. 
*In case of Branded medicine, Distribution partners can't get more than 20% margin from MRP, but generics can give them any % of margin. Most of the time Patients are paying at MRP for generics products which is almost similar to Branded products. So if Drs are forced to prescribe Generics medicine, it's the distribution partners are going to be benefited most, may not be the Patients. Remember generics are without assurance of quality of the medicine.
7. Do we know there are lots of medicines are available which are spurious and not much effective or quality is compromised.? Who will take accountability of ineffectiveness of such medicines. Why anyone in India is allowed to manufacture medicine without proper approval of manufacturing facilities to ensure quality.
8. Think of a time & place when we are unable get a doctor, we need him most. How helpless we become to save and do something for our near and dear ones life. Even then we are not respectful to our Doctors who will do everything to keep us better with his knowledge and understanding. (Let's not go by exceptions).
9. How will it be possible for a doctor to prescribe combinations for compliance when multiple generics are in a single pill, during his OPD where dr has to treat good number of patients with limited time. Most of the time patients can't continue therapy due to more number of Pills which is evident from surgery.
10. How long diversion of focus from inaction of the government and underdevelopment of the society as compared to progressive countries, will be converted into softer people like Drs and illogical issues. How long such hypocrisy of Intelligent people will dominate the simple thinking 💭 common man.
May God bless this country. 😳😳😳🙏🙏🙏
Regards. 
Nath
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जैनेरिक औषधि युग में
रोगी- डॉ, मेरे मुँह में छाले हो गये हैें, तो मैं क्या लूँ?
डॉक्टर- तो यह लो
1. थिएमाइन मोनोनाईट्रेट 10 मिग्रा
2. राइबोफ्लेविन 10 मिग्रा
3. पाईरोडोक्सिन हाईड्रोक्लोराइड 3 मिग्रा
4. साईनोकोब्लामिन15 माईक्रग्राम
5. निकोटिनामाइड 45 मिग्रा
6. कैल्शियम पैन्टोथिनट 50 मिग्रा
रोगी - हे भगवान ! इतनी सारी दवाईयाँ ??
डॉक्टर- जी हाँ, अब मैं न्यूरोबिओन फोर्ट नहीं लिख सकता हूँ ! जैनेरिक में ही लिखना और बोलना होगा। नई पोलिसी है न???


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सरकारी अधिकारी
केवल सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराए
तब ही व्यवस्थाए सुधर सकती हैं
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Clarifying the ongoing debate on 
GENERIC medicines.
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Before we go in their quality check, let's know what exactly are generic medicines.
There are three types of medicines available in the market : Brands, Brand generics and Generics.
BRAND – This is the name given by a company which has invented a new drug (medicine). So it’s prices are always higher as sometimes a company spends even thousands of crores to invent a new drug. The company will have the sole right to sell this medicine upto 20years.
After this time limit is over, the medicines will be labeled as GENERICS, means anyone can manufacture them. Further of 2types:
BRAND GENERICS​ – After the above mentioned 20 years , any company can manufacture and sell the drug. As they donot spend any money on the research so they can sell it at a cheaper rates. These medicines will be sold by multiple companies by their names and hence have a brand name.
GENERIC drugs – This is the name given to a medicine when it is sold by it’s drug/salt name. There will be no company brand name written over the medicine. As the companies donot spend any money on their marketing , they are cheapest of all .
Now regarding quality, there is no straight answer for that. Theoretically they all should be same but in our country where quality standards are poorly enforced, it is difficult to ensure quality in every medicine. And it is true for both the branded and generic medicines. Majority of the market is captured by branded generics and a small percentage by high end pure Branded medicines and even smaller by pure generics.
Role of doctors –
there are more than 10000 pharma companies manufacturing thousands of medicine brands. And for a doctor it is not possible to test each of those brands weather the medicine is working fine or not. So they choose the medicine brand about which more research is published or which is frequently in use as it’s results are well tested. Moreover the common psychology works everywhere that a better packaged, better marketed and better quality assured thing will be of better quality.
Along with that, the availability of pure generic medicine is very poor. You might not find any in your district at all. Government opened pharmacy shops by the name ‘JAN AUSHDHALYA’, which open only from 9am-5pm, as if patients need medicine only in this time frame. Our team visited three of them and could not find even the basic of the drugs there. So there are very few options left with a doctor. The situation will become just like a government hospital, where you are asked to give all medicines for free but there is no medicine available.
We agree that in very few cases, certain brands are prescribed under some influence but that percentage is very less. If a generic drug is not available what can one prescribe. First make good quality generic drugs available and then we can create some prescription guidelines, else creating strict guidelines without a good supply chain will lead to chocking of the system.
"Should we always choose a Cheaper/Generic alternative to the medicine that we are taking, if available?"
Even though they are made up of same drug/salt but still some differences can come up in their functioning, as different manufacturers might choose different processes and raw materials (both branded and generics). Also the quality standards matters a lot, which are not possible for a doctor to know unless he/she test the different medicines on few patients( certainly it can’t be done as patients are not guinea pigs). This is specially important in medicines which have a very narrow range of action and also in certain sensitive diseases. In certain cases a medicine might work in one patient and might not work in other patient and this holds true even for a costly branded medicine. A doctor will be a better person to assess the patient specific situation. So if you want to buy a cheaper alternative , then tell your doctor that there is a cheaper version available and if he finds that there is no problem changing the medicine , he/she will certainly prescribe it for you .
Final opinion :-
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Everyone including doctors are just a part of the whole system and without creating transparent quality standards and their enforcement, any legal step taken in haste will be detrimental.

Friday, 21 April 2017

इस गर्मी में कुछ तूफानी न करें और निम्न ड्रिंक्स का लाभ परिवार सहित उठाएं !


 इस गर्मी में कुछ तूफानी न करें और निम्न ड्रिंक्स का लाभ परिवार सहित उठाएं !



1.आम का पना

कच्चे आम का पना गर्मी में लू से बचने का बेस्ट ऑप्शन है। इसमें विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होती है जिससे आपको तुरंत एनर्जी मिलती है।

कैसे बनाएं

कच्चे आम (कैरी) को छिलकर उबाल लें। इसमें काला नमक, पुदीना, शक्कर डालकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसे गिलास में निकालें और बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।



2.शिकंजी

गर्मी में शिकंजी पीने से आपको तुरंत एनर्जी मिलती है। शिकंजी इस मौसम में होने वाली डलनेस को दूर करेगी। इसे बनाकर कुछ दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है।

कैसे बनाएं

एक जग में पानी लें। उसमें नींबू का रस, जीरा पाउडर, काला नमक और शक्कर मिला लें। अब शिकंजी को छलनी से छालकर गिलास में डालें और बर्फ के टुकड़े मिलाकर सर्व करें।



3.मैंगो मिंट लस्सी

आम और पुदीने से बनी लस्सी गर्मी में आपको फ्रेश रखेगी। इस एनर्जेटिक ड्रिंक को बनाकर तुरंत सर्व करें।

कैसे बनाएं

आम, शक्कर, पुदीना, इलायची पाउडर, नींबू का रस और दही को मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। आम के स्मूद हो जाने पर इसे गिलास में निकालें और बर्फ डालकर सर्व करें।



4.पुदीने का शर्बत

पुदीने का शर्बत गर्मी में डिहाइड्रेशन और लू से बचाता है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रखता है।

कैसे बनाएं

ब्लेंडर में पुदीना, शक्कर या गुड़, शहद, काला नमक, कालीमिर्च और जीरा पाउडर मिलाकर पीस लें। इस पेस्ट की कम मात्रा को पानी के साथ मिलाकर गिलास में डालें और बर्फ मिलाकर सर्व करें।



5.छाछ

इसे पीने से पेट की जलन और एसिडिटी दूर होती है। छाछ पीने से वेट लॉस होता है और डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहता है।

कैसे बनाएं

दही में नमक, काला नमक, जीरा पाउडर और हींग मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसमें बर्फ मिलाकर गिलास में डालें और सर्व करें।



6.गुलाब का शर्बत

इस शर्बत को पीने से पेट की जलन दूर होती है। यह बॉडी को कूल रखता है।

कैसे बनाएं

एक पैन में पानी और शक्कर मिलाकर चाश्नी बना लें। इसमें गुलाब जल, इलायची पाउडर और ताजी गुलाब की पत्तियों का पेस्ट डालें। इसे छानकर फ्रिज में रख दें। सर्व करते समय इस शर्बत को पानी के साथ मिलाकर बर्फ डालें और सर्व करें।



7.जलजीरा

इसे पीने से एसिडिटी और डिहाइड्रेशन दूर होता है। जलजीरा गर्मी से राहत पाने का बेहतर ऑप्शन है।

कैसे बनाएं

पानी में जीरा पाउडर, काला नमक, अमचूर पाउडर, नींबू का रस, थोड़ी सी शक्कर और पुदीने की पत्तियों का पेस्ट मिला लें। इसे बर्फ के टुकड़े मिलाकर सर्व करें।



8.ऐलोवेरा जूस

यह जूस गर्मी से होने वाली स्किन टैनिंग को दूर करने में मददगार है। यह डाइजेस्टिव सिस्टम को इंप्रूव करता है। इसे पीने से तुरंत एनर्जी मिलती है और गर्मी में भी स्किन का ग्लो बरकरार रहता है।

कैसे बनाएं

एलोवेरा के कांटेदार किनारे हटा दें। इसकी पत्तियों के बीच जमा गूदा निकालें। इसे मिक्सी में डालकर लेमन या ऑरेंज जूस और नमक मिलाकर पीस लें और बर्फ के टुकड़े डालकर सर्व करें।



9.बेल का शर्बत

गर्मी में इसे अमृत के समान माना गया है। यह डायरिया को दूर करने में मददगार है। डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक रखता है और लू से बचाता है।

कैसे बनाएं

बेल के फल का गूदा निकालकर अच्छी तरह मैश कर दें। इसमें शक्कर, काला नमक, जीरा पाउडर और चाट मसाला मिलाकर ब्लेंडर में ब्लेंड कर लें। इसे बर्फ मिलाकर सर्व करें।



10.इमली का अमलाना

गर्मी से बचने के लिए इमली से बने इस राजस्थानी ड्रिंक को पीजिए। लू से राहत पाने का यह इफेक्टिव तरीका है।



कैसे बनाएं

इमली और पानी मिलाकर दो घंटे के लिए रख दें। मिश्रण को छानकर इसमें शक्कर, कालीमिर्च पाउडर, इलायची पाउडर, काला नमक, सादा नमक, बर्फ और पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसे गिलास में डालें और सर्व करें।

Today's New Hindi Chutkule .................



पत्नी: आप बहुत भोले हैं... आपको कोई भी बेवकूफ बना देता है


पति: शुरुआत तो तेरे बाप ने की थी .😜😜😜
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 लड़को को उस समय
सबसे ज्यादा गुस्सा आता है
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जब ऑटो में 2 लड़कियों के बीच में
लड़का बैठा हो तब तीसरी लड़की के आने से
ऑटो वाला बोले:-
"भाई तू आगे आजा" 😒 😒 😒 😏
😏 😏
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 😝😝 Wife: पूजा किया करो, बलाएं टल जाएगी

Husband: तेरे बाप ने बहुत की होगी,
उसकी टल गयी, मेरे पल्ले पड़ गयी!!😂😂😂
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 पति: अरे सुनो, मुन्ना रो रहा है चुप कराओ इसे।

पत्नी (गुस्से में): मैं काम करू या बच्चे संभालू, मैं इसे दहेज़ में नहीं लायी थी, खुद ही चुप करा लो।😡

पति : फिर रोने दे...😕😕😕😕
मैं कौनसा इसे बारात में लेकर गया था

😜😜😜😜😜😜😜😜😜
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At Hotel

Santa - (क्रोध में ) मेरा आर्डर अभी तक क्यूँ नहीं आया ?  😐

Man at counter - सर, पहले आप नम्रता से बात कीजिए

Santa - (शांत हो कर ) हाँ कराओ बात 😍😋😜😜😜😜
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 पति: संसार की सभी औरतें चुड़ैल ही होती हैं।
पत्नी गुस्से में, "आपका मतलब मैं भी चुड़ैल हूँ?"
पति: अरे नहीं, तुम तो रानी हो।
पत्नी गले लगते हुए बोली, "सच में मैं रानी हूँ?"
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पति: हाँ, उन सब की।😀😀😀😀😀😜😝😝😝😝😝😬😝😝😝😝
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ससुर का फ़ोन: दामाद जी, कल तुम्हारे साले के लिये लड़की देखने जाना है , हो सके तो आ जाओ


दामाद: आप लोग देखलो, मेरा तो खुदका डिसीजन गलत हुआ पड़ा है 

😉
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 बीवी ने नई सिम खरीदी और सोचा कि पति 
को सरप्राइज दूंगी।
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वह किचन में गई और पति को फोन किया।
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बीवी : हैलो डार्लिंग.. 😍
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पति (धीरे से बोलते हुए) : तुम बाद में फोन करना, 
अभी चुड़ैल किचन में है। 😂 😂 😀 😀😘
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पति का इलाज़ लीलावती अस्पताल 
में चल रहा है 😜😜😜

Thursday, 20 April 2017

Cartoons on scorching heat wave


























































Sunday, 16 April 2017

दिल्ली में बैठे शेरों को सत्ता का लकवा मार गया,


(कश्मीर में जेहादियों द्वारा
सैनिकों को थप्पड़-लात मार कर अपमानित करने पर
एक सैनिक की सरकार से अपील 
को बंया करती  नयी कविता)
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रचनाकार - कवि गौरव चौहान (उ. प्र.)
9557062060
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दिल्ली में बैठे शेरों को सत्ता का लकवा मार गया,
इस राजनीति के चक्कर में सैनिक का साहस हार गया,

मैं हूँ जवान उस भारत का,जो "जय जवान" का पोषक है,
जो स्वाभिमान का वाहक है जो दृढ़ता का उद्घोषक है,

मैं हूँ जवान उस भारत का, जो शक्ति शौर्य की भाषा है,
जो संप्रभुता का रक्षक है,जो संबल की परिभाषा है,

उस भारत की ही धरती पर ये फिर कैसी लाचारी है,
हम सैनिक कैसे दीन हुए,अब कहाँ गयी खुद्दारी है?

"कश्मीर हमारा" कहते हो,पर याचक जैसे दिखते हो,
तुम राष्ट्रवाद के थैले में,गठबंधन करके बिकते हो,

वर्दी सौंपी,हथियार दिए,पर अधिकारों से रीते हैं,
हम सैनिक घुट घुट रहते है,कायर का जीवन जीते हैं,

छप्पन इंची वालों ने कुछ ऐसे हमको सम्मान दिए,
कागज़ की कश्ती सौंपी है,अंगारो के तूफ़ान दिए,

हर हर मोदी घर घर मोदी,यह नारा सिर के पार गया,
इक दो कौड़ी का जेहादी,सैनिक को थप्पड़ मार गया,

अब वक्ष ठोंकना बंद करो,घाटी में खड़े सवालों पर,
ये थप्पड़ नही तमाचा है भारत माता के गालों पर,

सच तो ये है दिल्ली वालों,साहस संयम से हार गया,
इक पत्थरबाज तुम्हारे सब,कपड़ों को आज उतार गया,

इस नौबत को लाने वालों,थोड़ा सा शर्म किये होते,
तुम काश्मीर में सैनिक बन,केवल इक दिवस जिए होते,

इस राजनीती ने घाटी को,सरदर्द बनाकर छोड़ा है,
भारत के वीर जवानों को नामर्द बना कर छोड़ा है,

अब और नही लाचार करो,हम जीते जी मर जायेंगे,
दर्पण में देख न पाएंगे,निज वर्दी पर शर्मायेंगे,

या तो कश्मीर उन्हें दे दो,या आर पार का काम करो,
सेना को दो ज़िम्मेदारी,तुम दिल्ली में आराम करो,

थप्पड़ खाएं गद्दारों के,हम इतने भी मजबूर नही,
हम भारत माँ के सैनिक हैं,कोई बंधुआ मजदूर नहीं,

मत छुट्टी दो,मत भत्ता दो,बस काम यही अब करने दो,
वेतन आधा कर दो,लेकिन कुत्तों में गोली भरने दो,

भारत का आँचल स्वच्छ रहे ,हम दागी भी हो सकते है,
दिल्ली गर यूँ ही मौन रही,हम बागी भी हो सकते हैं,

कान्हा के विरह में जन जीवन एवं पृक्रति दौनों दुंखी हैं


प्रिय मित्रो 
ग्रीष्म ऋतु का आगमन हो चुका है , कान्हा के विरह में जन जीवन एवं पृक्रति दौनों दुंखी हैं । कविता के माध्यम से विचार प्रस्तुत कर रहा हूँ । एक तो भीषण गरमी दूसरी विरहाग्नि । तपन दूसरी में ज़्यादा है ।

धाये जबसे श्याम द्वारिका ,
नयन नीर नहिं रुकें राधिका ।
मन विषाद तिनके गहराया ,
गया चॉद छिप सूनी राका ।

गोकुल वन उपवन में आया ,
अँधियारा मावस का छाया ।
कान्हां के विरहा की अग्नि ,
लागे मन न छूटे काया ।

फोड़ें मिल मटकी दधि ग्वालिन ,
थके नयन तकें प्रेम पुजारिन ।
साँवरी सूरत बसी मन तिनके ,
पनघट पे न जांय पनिहारिन ।

चरवाहा जग का नटनागर ,
मोर मुकुट सिर पट पीताम्बर ।
को लै लकुटि धेनु चरावै ,
बूढत दुखीं विरहा भव सागर ।

खड़े लखें तरु कदंब के तन्हां ,
बहे नीर कलकल तट यमुना ।
शीतल मंद सुगंध मरुत बह ,
तिन की पीर न जाईं बरना ।

बिलग डाल बैठे सुक मैना ,
बोलें बचन न खाऐं चबैना ।
जाऐं कहाँ तज गोकुल वनिका ,
काटें कटें न बासर रैना ।

कान्हां की ना बाजे मुरलिया ,
कुहू कुहू ना कूके कोयलिया ।
सूनौ जग अमवा की डारी ,
अब हमार को नाव खिवैया ।

बंसीवट यमुना तट पावन ,
अब वो रहा ना लोकलुभावन ।
यादों की कान्हा में जीयें ,
गोकुल की नादां वे ग्वालिन ।

किससे कहैं मन की वे पीरा ,
जपत निरंतर कर मति धीरा ।
पट्टो जी को मंत्र यह भावा ,
हो आर्त " जय कृष्ण " पुकारा ।

विनोद पट्टो जी

Saturday, 15 April 2017

Majedar raseele hindi chutkule


 When her child's towel was stolen during  a school swimming trip, an irritated parent demanded of the class teacher, "What kind of petty thieves are in class with my child?!"

"I'm sure it was taken accidentally," said Teacher. "What does it look like?"

"It's white," said the parent. "And  'Indian Railways' is printed on it."
😜😂😆
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 सास (अपने होने वाली बहू से)-   बेटी तुम्हे किचन में क्या आता है ?

बहू - चक्कर 😜

😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀
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 पप्पू का सिर फट गया।
नर्स--नाम क्या है?
पप्पू-- पप्पू।
*
नर्स--उम्र??
पप्पू--26 साल।
*
नर्स--शादीशुदा हो??
पप्पू-- वैसी बात नहीं है।
फिसलकर गिरने से लगी है।
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 टीचर - " लड़कियां अगर पराया धन होती हैं तो लड़के क्या होते है ?? 😊😊

पप्पू..... सर चोर होते है !! 😁😁
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टीचर..... वो कैसे ? 😳😳
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पप्पू.... क्योंकि ? चोरों की नज़र हमेशा "पराये धन पर होती है" 😜😜😜
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Husband :-

हमें तो अपनों ने ही लूटा,
गैरों में कहाँ दम था;
हमारी कश्ती भी वहाँ डूबी,
जहाँ पानी कम था ।

Wife :-

तुम तो थे ही गधे,
तुम्हारी अकल में कहाँ दम था;
वहाँ कश्ती लेके ही क्यों गये,
जहाँ पानी कम था ।
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नौकरानी - बीबी जी मुझे दस दिन की छुट्टी चाहिए! 
 मालकिन - तू दस दिन छुट्टी पे जाएगी तो साहब का टिफिन कौन बनाएगा, उन्हे दवाई कौन देगा, उनके कपडे कौन धोएगा!  प्रेस कौन करेगा.! बिस्तर कौन लगाएगा.!  नौकरानी ने शरमाते हुए बडे प्यार से कहा बीबी जी मैं तो संकोच कर रही थी आप बुरा न माने तो साहब को साथ ले जाऊँ 😊😊😊😊😜
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 एक C. A ने जिंदगी भर बड़ी मेहनत की। खूब पैसा कमाया, लेकिन वह महा कंजूस था। अपार धन इकट्ठा हो गया जब मरने लगा तो Wife को बुला कर कहा - 
एक वादा करो... यह सारा पैसा दाहसंस्कार के समय मेरे साथ ही रख देना ताकि ऊपर जा कर मैं खर्च कर सकूं।

 Wife - मैं वादा करती हूँ।

मरने के बाद जब उसे ले जाने लगे तो Wife बोली -
रुको..  
वह एक लिफाफा लाई और शरीर के साथ रख दिया।

भाई ने पूछा - तो क्या सारा पैसा जल गया ?

Wife- मैने सारे पैसे का एक चैक बनाकर उन के साथ रख दिया।
जब चाहेंगे Cash करा लेंगे.

आखिर Wife किस की थी ? 
C. A की 😉😃😃😃😛  *_हास्यमेव जयते_*
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Teacher- गाय पर निबंध सुनाओं

Student- गाय एक राजनितिक पशु है

Teacher- अच्छा,ये बताओ गाय कितने प्रकार की होती है

Student- दो प्रकार

Teacher- नाम बताओ

Student- जिस गाय का मास मुसलमान खाते है वो माँ होती है, और जिस गाय का मास सरकार दूसरे देशों में निर्यात करती है वो सौतेली माँ होती है
😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃
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 पति:- तुम मायके जाती हो तो कैसा महसूस करती हो

पत्नी:- हम औरतों की उम्र 45 क्यो न हो,मायके में पैर रखते ही 16 की उम्र वाली फीलिंग  आ जाती है

पति:अच्छा

पत्नी:तुम कहो,तुम्हे ऐसी 16की उम्र वाली फीलिंग कब आती है

पति:बस, हमारा भी वही... 
जब तुम मायके जाती हो..!!
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मुम्बई से अपने बेटे की शादी के लिए लखनऊ पहुचे   मौलवी साहब को तीन दिन से दावत में लगातार अंडे खाने को दिए गए।

चौथे दिन अचानक मौलवी साहब का सब्र का बाँध टूट गया और उन्होंने पूछ ही लिया: 

भाई ये अंडे तो अपनी जगह ठीक हैं पर इनके वालिद कहाँ हैं ?
कभी 🍗🍗🐓🐓उनसे भी मुलाक़ात करावाईये।