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Tuesday, 5 July 2016

धमाकेदार लतीफ़ा

बड़ा ही धमाकेदार लतीफ़ा :
एक बार एक स्कूल मास्टर ने अपनी क्लास के बच्चों से पूछा-
"बच्चों, जिस तरह आज 20-20 क्रिकेट आने से क्रिकेट का मज़ा बढ़ गया,
उसी तरह अगर तुम्हारी परीक्षाओं का तरीक़ा भी बदल दिया जाए तो किस तरह इन परीक्षाओं को ज़्यादा से ज़्यादा रोमांचक बनाया जा सकता है ?"
सारे बच्चे चुप ।
किसी को कोई जवाब नहीं सूझा ।
जब काफ़ी देर तक कोई नहीं बोला तो पप्पू इस सवाल का जवाब देने के लिए खड़ा हो गया।
मास्टर जी उसके ख़ुराफ़ाती दिमाग़ को जानते थे।
एक बार तो उन्होंने आंखें तरेरीं और न चाहते हुए भी बोले - "अच्छा जल्दी से बताओ क्या सुझाव देना चाहते हो ?"
पप्पू गम्भीर होकर बोला- "मास्टरजी हमारा पेपर एक घंटा 20 मिनट का होना चाहिए ।"
मास्टरजी- "और क्या कहना चाहते हो ?"
पप्पू- "हर बीस मिनट के बाद छात्रों को आपस में बातें  करने के लिए दो मिनट का "स्ट्रेटेजिक टाइम आउट" मिलना चाहिए ।"
मास्टरजी- "और  बोलो ?"
पप्पू - "बच्चों को परीक्षा के दौरान एक "free hit" भी मिलनी चाहिए, जिसमें बच्चे किसी भी एक सवाल का उत्तर अपनी मर्ज़ी से लिख सकें, चाहे वह सवाल पूछा भी न गया हो ।"
मास्टरजी- "और ? "
पप्पू- "पहले 20 मिनट में  "पॉवर प्ले" होना चाहिए जिसमें  ड्यूटी वाला मास्टर कमरे से बाहर रहे ।
मास्टरजी- "बहुत अच्छे ! और क्या चाहते हो ?"
पप्पू- "और हर 20 मिनट बाद "चीयर लीडर्स" कमरे में आकर 02 मिनट तक डान्स  प्रस्तुत करें !!!!"
.
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यह सुनते ही मास्टरजी बेहोश हो गए....
पर
क्लास के सभी बच्चों ने पप्पू को कंधों पर बैठा लिया और नाचने लगे ।

मोदी ने ट्विटर पर लिखा... शौंच के बाद साबुन से हाथ जरूर धोना चाहिए' !

मोदी ने ट्विटर पर लिखा...  शौंच के बाद साबुन से हाथ जरूर धोना चाहिए' !

दिग्विजय सिंह ... मैंने तो आज तक नहीं धोये, यह आरएसएस की चाल है, आरएसएस अपनी विचारधारा को थोपना चाहता है ..

अकबरुद्दीन औवेसी .. मोदी में हिम्मत है तो हैदराबाद आ कर हाथ धो कर दिखाए ..

सोनिया गांधी :- गरीब विरोधी सरकार है, जिस के पास साबुन नहीं है वो हाथ कैसे धोएगा ? इस्तीफ़ा इस्तीफ़ा, संसद नहीं चलने देंगे ..

लालू ... कैसे मोदी जबरदस्ती से तानाशाह हो गए हैं, हमारी मर्जी, हम धोएंगे नहीं चाटेंगे

मायावती :- साबुन से हाथ धोने से किटाणु मर जाते हैं, झारखण्ड में आदिवासी लोग किटाणुओं को देवता मानते हैं, ये मनुवादी सरकार है, दलितों का अपमान नहीं सहेंगे ..

मीडिया .. शौंच के बाद हाथ धोना क्यों जरूरी है  क्या यही लोकतंत्र है ? शाम 6 बजे देखिये बड़ी बहस ..सवाल धोने का नहीं पर हम शौंच ही क्यों करें ..

नितीश कुमार :- यह लोकतंत्र पर हमला है, लोगो पर छोड़ देना चाहिए की वो हाथ धोएं या नहीं .. हम बिहार में हाथ नहीं धोने वालों को 30 % आरक्षण देंगे ..

केजरीवाल ..मोदी जी जान बुजकर हमें हाथ धोने पर विवश कर रहे है। हम उपोषण करेंगे...
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दुकानदार मोदी से .. साहब ये बवाल क्यों हो रहा है ?
मोदी .एक handwash दे यार, इनका तो रोज का ड्रामा है ....