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Friday, 11 March 2016

ज्ञानी जी का ज्ञान..............सपने जले तो क्या किया जाए..??

1.घर जले तो बीमा ले सकते है,
सपने जले तो क्या किया जाए..??
प्रभु सिमरन से सपने साकार कर सकते है!!!

आसमान बरसे तो छाता ले सकते है,
आँख बरसे तो क्या किया जाए..??
प्रभु सिमरन से ऑंखों को शीतलता प्रदान सकते है

शेर दहाड़े तो भाग सकते है,
अहंकार दहाड़े तो क्या किया जाए..??
प्रभु सिमरन से दहाड़ को ठंडा करके नम्रता पेदा कर सकते है

काँटा चुभे तो निकाल सकते है,
कोई बात चुभे तो क्या किया जाए..??
प्रभु सिमरन से काँटे को फूल बना सकते है

दर्द हो तो गोली(medicine)ले सकते है,
वेदना हो तो क्या किया जाये..??
प्रभु सिमरन से वेदना सहन कर सकते है


2.जो किसी को भी दुख देता है,वह अपने हाथ से अपने लिए दुख निर्मित करता है।
जो किसी को भी सुख बांटता है,वह अपने हाथ से अपने लिए सुख निमंत्रित 
करता है।
तुम जो दोगे वही तुम्हें मिलेगा।

जो तुमने पहले दिया था आज वही तुम पा रहे हो।
किया तुमने दूसरे के साथ था, हो गया तुम्हारे साथ।
तुम्हारे अतिरिक्त यहां कोई नहीं है।

तो तुम जो भी करोगे, अपने ही साथ कर रहे हो !!


3.नीति शास्त्र कहता हैं कि

नीच और अधम श्रेणी के मनुष्य- कठिनाईयो के भय से किसी उत्तम कार्य को प्रारंभ ही नहीं करते।

मध्यम श्रेणी के मनुष्य - कार्य को तो प्रारंभ करते हैं मगर विघ्नों को आते देख घबराकर बीच में ही छोड़ देते हैं। ये विघ्नों से लड़ने की सामर्थ्य  नहीं रख पाते।

उत्तम श्रेणी के मनुष्य- विघ्न बाधाओं से बार- बार प्रताड़ित होने पर भी प्रारंभ किये हुए उत्तम कार्य को तब तक नहीं छोड़ते, जब तक कि वह पूर्ण न हो जाए।

कार्य जितना श्रेष्ठ होगा बाधाएं भी उतनी ही बड़ी होंगी। आत्मबल जितना ऊँचा होगा तो फिर सारी समस्याए स्वतः उतनी ही नीची नज़र आने लगेंगी।
ध्यान रहे इस श्रृष्टि में श्रेष्ठ की प्राप्ति उसी को होगी जिसने सामना करना स्वीकार किया, मुकरना नहीं। अतः जीवन में उत्कर्ष के लिए संघर्ष जरुर करें।

ज्ञानी जी का ज्ञान..............................Positives in Negatives

Positives in Negatives

A young woman was sitting at her dining table, worried about taxes to be paid, house-work to be done and to top it all, her family was coming over for Thanks giving the next day. She was not feeling very thankful at that time.
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As she turned her gaze sideways, she noticed her young daughter scribbling furiously into her notebook.
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"My teacher asked us to write a paragraph on "Negative Thanks giving" for homework today."
said the daughter
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"She asked us to write down things that we are thankful for, things that make us feel not so good in the beginning, but turn out to be good after all."
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With curiosity, the mother peeked into the book. This is what her daughter wrote:
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"I'm thankful for Final Exams, because that means school is almost over.
I'm thankful for bad-tasting medicine, because it helps me feel better.
I'm thankful for waking up to alarm clocks, because it means I'm still alive."
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It then dawned on the mother, that she had a lot of things to be thankful for!
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She thought again…
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She had to pay taxes but that meant she was fortunate to be employed. She had house-work to do but that meant she had her own home to live in.
She had to cook for her family for Thanks giving but that meant she had a family with whom she could celebrate.
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Moral:
We generally complain about the negative things in life but we fail to look at the positive side of it. What is the positive in your negatives?
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Look at the  better part of life today and make ur everyday a great day"
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I am happy n blessed.