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Monday, 29 February 2016

दारू बेचने वाला कही नही जाता , पर दूध बेचने वाले को घर , गली -गली , कोने- कोने जाना पड़ता है


आज की बात .............. दारू बेचने वाला कही नही जाता ,पर दूध बेचने वाले को घर ,गली -गली , कोने- कोने जाना पड़ता है 


1 कोयल अपनी भाषा बोलती है;
इसलिये आज़ाद रहती हैं...
परन्तु,
तोता दूसरे कि भाषा बोलता है;
इसलिए पिंजरे में जीवन भर गुलाम
रहता है...

"अपनी भाषा, अपना धर्म और अपने आप पर विश्वास करो"।।
मेरी भाषा, मेरा धर्म, मेरा अपना आप मेरा अपना स्वरूप का अनुभव है



2 जिम्मेदारियां मजबूर कर देती हैं, अपना "शहर" छोड़ने को !!
वरना कौन अपनी गली में,
जीना नहीं चाहता ।।।



3 एक वक्त ऐसा था..दोस्त बोलते थे-
"चलो,मिलकर कुछ प्लान बनाते हैं"
और अब बोलते है-"चलो मिलने का कोई प्लान बनाते है......



4 व्यवहार मीठा ना हों तो... हिचकियाँ भी नहीं आती,
बोल मीठे न हों तो कीमती... मोबाईलो पर घन्टियां भी नहीं आती।
घर बड़ा हो या छोटा, अग़र मिठास ना हो,
तो ईंसान तो क्या, चींटियां भी नजदीक नहीं आती।



5 जीवन का 'आरंभ' अपने रोने से होता हैं..,
और 
जीवन का 'अंत' दूसरों के रोने से,
इस "आरंभ और ...अंत" के बीच का समय भरपूर हास्य भरा हो...
बस यही सच्चा जीवन है...!!!



6 हे प्रभु
न किसी का फेंका हुआ मिले,
न किसी से ..छीना हुआ मिले,
मुझे बस मेरे.. नसीब मे लिखा हुआ मिले,
ना मिले ये भी तो कोई ग़म नही
मुझे बस मेरी मेहनत का किया हुआ मिले..



7 बिंदी 1 रुपये की आती है व ललाट पर लगायी जाती है।
पायल की कीमत ...हजारों में आती है पर पैरों में पहनी जाती है।
इन्सान आदरणीय अपने कर्म से होता है, उसकी धन दौलत से नहीं।



8 बस इतना देना.. मेरे मालिक अगर जमींन पर बैठूँ
तो लोग उसे मेरा ...बड़प्पन कहें मेरी ओकात नहीं....



9 एक किताबघर में पड़ी गीता और कुरान आपस में कभी नहीं लड़ते,
और जो उनके लिए लड़ते हैं वो कभी उन दोनों को नहीं पढ़ते....



10 अच्छे मार्ग पर कोई व्यक्ति नही जाता पर बुरे मार्ग पर सभी जाते है......
.इसीलिये दारू बेचने वाला कही नही जाता ,
पर दूध बेचने वाले को घर ,
गली -गली , कोने- कोने जाना पड़ता है ।और दूघ वाले से बार -बार पूछा जाता है कि पानी तो नही डाला ?
पर दारू मे खुद हाथो से पानी मिला-मिला पीते है ।वाह रे दुनियाँ और दुनियाँ की रीत ।....